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“बस्ती में ‘रक्षक’ ही बना ‘भक्षक’: एडिशनल CMO की शह पर रुधौली में फल-फूल रहा अवैध अल्ट्रासाउंड का काला साम्राज्य”

"सावधान! रुधौली में मौत बांट रहे हैं 'फर्जी' डॉक्टर: जेपी डायग्नोस्टिक में डिग्रियां फर्जी, खेल असली!"

अजीत मिश्रा (खोजी)

“अशोक चौधरी का ‘पारिवारिक’ प्रेम या भ्रष्टाचार की इंतेहा? रिश्तेदारों के सेंटरों पर मेहरबान स्वास्थ्य विभाग”

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

  • स्वास्थ्य विभाग के ‘रक्षक’ ही बने अवैध धंधों के ‘भक्षक’, रुधौली में एडिशनल CMO की शह पर फल-फूल रहा मौत का कारोबार।
  • “रुधौली में कानून को ठेंगा: खुलेआम हो रहा भ्रूण लिंग परीक्षण, झोलाछाप संचालक के हौसले बुलंद”
  • “रुधौली स्वास्थ्य सेवा का ‘पोस्टमार्टम’: अवैध सेंटरों की ढाल बने एडिशनल CMO!”

बस्ती। जनपद के स्वास्थ्य महकमे में इन दिनों “सैंया भए कोतवाल, तो अब डर काहे का” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। बस्ती मंडल के रुधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के ठीक सामने स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार आला अधिकारी के संरक्षण में अवैध चिकित्सा केंद्रों का काला साम्राज्य खड़ा हो गया है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जिन कंधों पर अवैध अस्पतालों पर लगाम कसने की जिम्मेदारी है, वही कथित तौर पर अपने रसूख का इस्तेमाल कर भ्रूण हत्या और फर्जीवाड़े की दुकानों को संजीवनी दे रहे हैं।

एडिशनल CMO का ‘पारिवारिक’ प्रेम या भ्रष्टाचार का खेल?

विश्वस्त सूत्रों और शिकायतों की मानें तो एडिशनल सीएमओ अशोक चौधरी के कथित संरक्षण में रुधौली सीएचसी के सामने आधा दर्जन से अधिक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि इनमें से अधिकांश केंद्रों का संचालन अधिकारी के ‘खास’ रिश्तेदारों द्वारा किया जा रहा है। यही कारण है कि तमाम शिकायतों के बावजूद विभाग की फाइलें रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती हैं और जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।

जे.पी. डायग्नोस्टिक: फर्जी डिग्री और भ्रूण परीक्षण का अड्डा

इस पूरे खेल का सबसे विवादित केंद्र ‘जे.पी. डायग्नोस्टिक’ बनकर उभरा है। इस सेंटर का संचालक जे.पी. चौधरी खुद को विशेषज्ञ बताकर गरीब और अनपढ़ मरीजों को ठग रहा है।

  • झोलाछाप का मायाजाल: संचालक के विजिटिंग कार्ड पर डिग्रियों की ऐसी भरमार है कि अच्छे-अच्छे विशेषज्ञ भी चक्कर खा जाएं, जबकि धरातल पर वह महज एक ‘नौसिखिया’ बताया जा रहा है।
  • संगीन जुर्म: सूत्रों का दावा है कि इस सेंटर की आड़ में ‘भ्रूण लिंग परीक्षण’ जैसे जघन्य और गैर-कानूनी कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखाते हुए यह संचालक चंद रुपयों के लिए कानून की धज्जियां उड़ा रहा है।

सावधान! आपकी जान खतरे में है

रुधौली में डॉक्टरों की फर्जी डिग्रियां और बिना मानक के चल रहे ये अल्ट्रासाउंड सेंटर सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। फर्जी रिपोर्ट के आधार पर होने वाले इलाज से अब तक कितने लोग अपनी जान गंवा चुके हैं या गंभीर बीमारियों के शिकार हुए हैं, इसका कोई हिसाब नहीं है।

सवालिया निशान के घेरे में प्रशासन

रुधौली में जे.पी. डायग्नोस्टिक समेत अन्य अवैध सेंटरों की शिकायतें अब आला अधिकारियों की मेज तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय जनता अब यह देख रही है कि क्या जिला प्रशासन अपने ही विभाग के ‘दागी’ अधिकारी और उसके गुर्गों पर कार्रवाई करने का साहस जुटा पाता है या फिर जांच के नाम पर एक बार फिर रक्षक ही भक्षक को बचाने का ढोंग करेंगे?

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